जय राजस्थान
राजस्थान फिल्म निर्माण में आप सभी का स्वागत हैं। राजस्थानी फिल्मे कम बनती हैं और लोग कम देखते हैं। आज प्रत्येक देश राज्य में फिल्म निर्माण बड़ी तेजी से हो रहा हैं लेकिन राजस्थान में राजस्थानी फिल्मो का निर्माण नहीं होता हैं।
महाराष्ट्र मे मराठी ,पंजाब में पंजाबी,गुजरात में गुजरती,केरला मे तो साउथ फिल्म इंडस्ट्री बॉलीवुड से भी बड़ी हैं। सभी राज्यों की अपनी भाषा हैं परन्तु राजस्थानी भाषा की कोई किताब स्कूल में नहीं चलती। क्यों किया हम अपने राज्य से लगाव नहीं हैं। हैं तो फिर राजस्थानी फिल्म निर्माण कियो नहीं होता। मेरा मानना हैं की राजस्थानी मे फिल्मो का निर्माण होना चाहिए और लोगो को अच्छी फिल्मे देखनी चाहिये।
किसी राज्य या देश की फिल्म निर्माण कड़ी देश के अर्थव्यवस्था की मुखीय डोर हैं लाखो करोडो टैक्स कई रूप में सरकार को मिलता हैं लेकिन क्या पता पुरे देश में सिर्फ राजस्थान ही एक राज्य हैं जहां फिल्म निर्माण नगण्य हैं।
फिल्म निर्माण से रोजगार
फिल्म निर्माण से लाखो करोडो को रोजगार मिलता हैं। कलाकारों को रोजगार,मेकअप मैन ,निर्देशक ,निर्माता ,संगीतकार,लेखक,गीतकार,ड्रेस निर्माता और न जाने कितने। टीवी टेपरिकॉर्ड, व सभी बड़े बड़े सिनेमा हॉल्स।
यहा तक की कपड़ो का निर्माण भी फील्मो से तय होता हैं। लेकिन राजस्थान सरकार पता नहीं क्यों राजस्थान में फिल्म निर्माण को लेकर गम्भीर क्यों नहीं हैं।
जयपुर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल- 2014 में हुई चर्चा
पिछले जयपुर इइंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में राजस्थानी फिल्म निर्माण पर चर्चा हुई थी। जिसमे राजस्थान सिनेमा हॉल व निर्माता अधियक्ष नन्द भारद्वाज ,हरीश मालू,डी.डी वन निर्देश्क ,मोंटी राठौड़ ,कर्नल पूर्ण सिंह,
मीटिंग का वीडियो नीचे दिया गया हैं
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